जब आप UIDAI की वेबसाइट या mAadhaar ऐप से ई-आधार डाउनलोड करते हैं, तो PDF पासवर्ड से सुरक्षित होती है। यह पासवर्ड आपने नहीं चुना होता; यह आपके आधार पर छपी जानकारी से बनता है। नियम समझ आ जाए तो फ़ाइल कुछ सेकंड में खुल जाती है, और अगर आपको इसे बार-बार अपलोड या प्रिंट करना है तो आप बिना पासवर्ड वाली कॉपी भी सेव कर सकते हैं।
पासवर्ड का फॉर्मेट
UIDAI के अनुसार पासवर्ड है: आधार पर अंग्रेज़ी में छपे आपके नाम के पहले चार अक्षर, कैपिटल (बड़े) अक्षरों में, और उसके बाद जन्म का साल YYYY फॉर्मेट में। चार या ज़्यादा अक्षरों वाले नाम के लिए यह हमेशा आठ कैरेक्टर का होता है।
- नाम SURESH KUMAR, जन्म 1990: SURE1990
- नाम SAI KUMAR, जन्म 1990: SAIK1990। बीच का स्पेस छोड़ दिया जाता है और गिनती अगले शब्द में जारी रहती है।
- नाम P. KUMAR, जन्म 1990: P.KU1990। अक्षर वैसे ही गिने जाते हैं जैसे छपे हैं, इसलिए पूर्ण विराम (डॉट) भी गिना जाता है।
- नाम RIA, जन्म 1990: RIA1990। चार से छोटे नाम में पूरा नाम लिया जाता है।
पासवर्ड काम क्यों नहीं कर रहा
- छोटे अक्षर। अक्षर कैपिटल में होने चाहिए। कंप्यूटर पर देख लें कि Caps Lock उल्टा तो नहीं कर रहा।
- पूरी जन्मतिथि। सिर्फ साल लिखना है, दिन और महीना नहीं।
- नाम की स्पेलिंग। आधार पर अंग्रेज़ी में जैसा नाम छपा है वैसा ही लिखें, किसी दूसरे दस्तावेज़ वाली स्पेलिंग या उपनाम नहीं।
- हाल ही में बदला नाम। अगर आपने नाम अपडेट कराया है, तो अपडेट से पहले डाउनलोड की गई कॉपी में पुराना नाम चलेगा।
- फ़ोन का ऑटो-करेक्ट। मोबाइल कीबोर्ड कभी-कभी पहला अक्षर बड़ा और बाकी छोटे कर देता है। धीरे टाइप करें और जाँच लें।
बिना पासवर्ड वाली कॉपी कैसे सेव करें
- Unlock PDF खोलें और अपनी ई-आधार PDF जोड़ें।
- ऊपर बताए फॉर्मेट में पासवर्ड टाइप करें।
- Unlock PDF दबाएँ और कॉपी डाउनलोड करें। अब यह बिना पासवर्ड के खुलेगी।

यह टूल सिर्फ वही पासवर्ड हटाता है जो आप खुद लिखते हैं। यह पासवर्ड न अंदाज़ा लगा सकता है, न तोड़ सकता है, इसलिए किसी और की फ़ाइल पर यह किसी काम का नहीं।
मूल डाउनलोड संभाल कर रखें
ई-आधार पर UIDAI का डिजिटल सिग्नेचर होता है, जिससे कोई संस्था इसकी असलियत जाँच सकती है। अनलॉक करके दोबारा सेव की गई कॉपी में यह सिग्नेचर शायद मान्य न दिखे। इसलिए मूल डाउनलोड की हुई फ़ाइल रखें और जो संस्था सिग्नेचर जाँचने की बात करे उसे वही दें। बिना पासवर्ड वाली कॉपी प्रिंट करने और उन पोर्टलों के लिए इस्तेमाल करें जिन्हें सिर्फ पढ़ने लायक कॉपी चाहिए।
फ़ाइल खो गई या नई कॉपी चाहिए?
आप UIDAI के myAadhaar पोर्टल से आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP से कभी भी ई-आधार दोबारा डाउनलोड कर सकते हैं। UIDAI के अनुसार डाउनलोड किया गया ई-आधार भी फ़िज़िकल कार्ड जितना ही मान्य है, इसलिए A4 पर साफ़ प्रिंट ज़्यादातर जगह स्वीकार होता है।
जितनी कम जानकारी, उतना बेहतर
- मास्क्ड आधार इस्तेमाल करें जब पूरा नंबर ज़रूरी न हो। UIDAI मास्क्ड आधार देता है जिसमें सिर्फ आखिरी चार अंक दिखते हैं।
- गैर-ज़रूरी जानकारी छिपाएँ Redact PDF से, जो काले बॉक्स के नीचे की सामग्री को हमेशा के लिए हटा देता है, सिर्फ ढकता नहीं।
- ईमेल से पहले फिर से पासवर्ड लगाएँ। Protect PDF से अपना पासवर्ड लगाएँ और पासवर्ड अलग से बताएँ।
- बिना पासवर्ड वाली कॉपी डिलीट करें साझा या ऑफ़िस कंप्यूटर से, काम खत्म होने के बाद।
जब पोर्टल इमेज या छोटी फ़ाइल माँगे
कुछ फॉर्म आधार को PDF की बजाय JPG में माँगते हैं। PDF to JPG से पेज को इमेज बनाएँ। अगर फॉर्म में साइज़ की सीमा है, तो बिना पासवर्ड वाली PDF को कंप्रेस करें, जैसे Compress PDF to 200 KB से।
अनलॉक करना आपके ब्राउज़र में ही होता है। आपकी आधार फ़ाइल और पासवर्ड हमारे सर्वर पर कभी नहीं भेजे जाते।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आधार PDF पासवर्ड केस-सेंसिटिव है?
हाँ। चारों अक्षर कैपिटल में होने चाहिए। suma1990 काम नहीं करेगा, जबकि SUMA1990 करेगा।
क्या मास्क्ड आधार का पासवर्ड भी यही है?
हाँ। मास्क्ड ई-आधार, जिसमें आधार नंबर के सिर्फ आखिरी चार अंक दिखते हैं, उसी फॉर्मेट वाले पासवर्ड से खुलता है।
क्या पासवर्ड हटाना सुरक्षित है?
यह आपका अपना दस्तावेज़ है और आप उसी का पासवर्ड इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए इसमें कोई दिक्कत नहीं। बस बिना पासवर्ड वाली कॉपी को निजी रखें, क्योंकि जिसे भी यह फ़ाइल मिलेगी वह इसे बिना पासवर्ड खोल सकेगा।